यूपी चुनाव 2027: सर्वे में भाजपा गठबंधन 267, सपा गठबंधन 132 सीटों पर

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यूपी चुनाव 2027: सर्वे बाद नेताओं के दावों से बढ़ी सियासी सरगर्मी…..

श्रोत मिडिया रिपोर्ट 

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियों के बीच न्यूज लीडर लाइव और मैटराइज न्यूज कम्युनिकेशंस के 2026 के संयुक्त सर्वे ने चुनावी तस्वीर को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है। 403 विधानसभा सीटों को लेकर किए गए इस सर्वे में भाजपा गठबंधन को 267 सीटें, जबकि सपा-कांग्रेस गठबंधन को 132 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है। बसपा को दो और अन्य दलों को दो सीटें मिलने का अनुमान है। हालांकि चुनाव में अभी समय है और ये आंकड़े केवल सर्वेक्षण का अनुमान हैं, इन्हें वास्तविक चुनाव परिणाम नहीं माना जा सकता। 

सर्वे के अनुसार भाजपा गठबंधन के 267 सीटों के अनुमान में भाजपा को 246, अपना दल (एस) को नौ, निषाद पार्टी को चार, आरएलडी को तीन और सुभासपा को एक सीट मिलने का अनुमान है। दूसरी ओर सपा गठबंधन को 132 सीटों में सपा को 125 और कांग्रेस को सात सीटें मिलने की संभावना जताई गई है। अपना दल (के) के लिए सर्वे में कोई सीट नहीं दिखाई गई है।

वोट शेयर में भी दोनों गठबंधनों के बीच अंतर

सर्वे में सीटों के साथ अनुमानित वोट शेयर भी जारी किया गया है। इसके मुताबिक भाजपा गठबंधन को 44 प्रतिशत और सपा गठबंधन को 38 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान है। बसपा का अनुमानित वोट शेयर 0.8 प्रतिशत और अन्य दलों का 10 प्रतिशत बताया गया है। यानी सर्वे के आंकड़ों में दोनों प्रमुख गठबंधनों के बीच अनुमानित वोट शेयर का अंतर छह प्रतिशत अंक का है।

क्षेत्रवार जारी आंकड़ों में भी अलग-अलग क्षेत्रों की तस्वीर सामने आई है। रिपोर्टों के अनुसार अवध की 118 सीटों में भाजपा गठबंधन को 77 और सपा गठबंधन को 40 सीटों का अनुमान दिया गया है, जबकि बुंदेलखंड की 19 सीटों में भाजपा गठबंधन को 17 और सपा गठबंधन को दो सीटें मिलने की संभावना जताई गई है।

भाजपा नेताओं ने जताया सरकार बनाने का भरोसा

सर्वे के बीच भाजपा की ओर से 2027 में सत्ता बरकरार रखने का दावा किया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने 25 सितंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद कहा कि 2027 में भाजपा की सरकार बनाने के संकल्प पर चर्चा हुई। मौर्य ने इससे पहले भी कहा है कि भाजपा तीसरी बार प्रदेश में सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत कर रही है।

सपा ने भी जीत के लिए संगठनात्मक अभियान तेज किया

वहीं सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हाल में पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक के बाद प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में सपा के वोट बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाने की बात कही। उन्होंने कहा कि पार्टी घर-घर संपर्क, तकनीक के इस्तेमाल और लोगों की समस्याओं को समझकर संगठन को मजबूत करेगी। अखिलेश यादव ने सरकार पर रोजगार, किसानों और अन्य जन मुद्दों को लेकर सवाल भी उठाए।

सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने भी सितंबर की शुरुआत में कहा था कि सपा-कांग्रेस गठबंधन 2027 का विधानसभा चुनाव साथ मिलकर लड़ेगा और अखिलेश यादव के नेतृत्व में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने का लक्ष्य है।

इस तरह सर्वे के आंकड़ों ने चुनावी चर्चा को जरूर तेज किया है, लेकिन विभिन्न दलों के नेताओं के दावे और सर्वे के अनुमान अलग-अलग राजनीतिक आकलनों को दर्शाते हैं। चुनाव से पहले गठबंधन, उम्मीदवारों, मुद्दों और मतदाताओं के रुझान में बदलाव संभव है। इसलिए

इन आंकड़ों को मौजूदा समय की एक सर्वे-आधारित तस्वीर के रूप में ही देखा जाना चाहिए, न कि 2027 के अंतिम परिणाम के रूप में।

Vichar Disha
Author: Vichar Disha

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