‘मैं बीमार नहीं हूं’, मायावती का आकाश आनंद पर सीधा हमला!

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बोलीं- पार्टी से निकाले गए लोग फैला रहे भ्रम, आनंद कुमार को मिली राज्यों की अहम जिम्मेदारी…..

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने रविवार को मीडिया के सामने आकर अपने स्वास्थ्य को लेकर चल रही चर्चाओं पर विराम लगाने की कोशिश की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वह पूरी तरह स्वस्थ हैं और पार्टी कार्यकर्ताओं को उनके बीमार होने की अफवाहों से सावधान रहना चाहिए। मायावती ने इस मामले में अपने भतीजे और हाल ही में पार्टी से निष्कासित किए गए आकाश आनंद पर भी गंभीर सवाल उठाए।

मायावती ने कहा कि पिछले करीब डेढ़ महीने से वह अपने कड़े फैसलों और पार्टी से जुड़े मुद्दों की जानकारी एक्स के माध्यम से देती रही हैं। रविवार को मीडिया के सामने आने का उद्देश्य पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच फैलाए जा रहे भ्रम को दूर करना है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी से निकाले गए कुछ लोग कार्यकर्ताओं में यह भ्रम पैदा कर रहे हैं कि उनकी तबीयत खराब है।

उन्होंने बताया कि शनिवार रात आकाश आनंद ने पार्टी के इंचार्ज आलोक कुमार को फोन कर उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली थी। मायावती के अनुसार, आलोक कुमार ने उन्हें बताया कि वह पूरी तरह स्वस्थ हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आकाश ने इस बातचीत की जानकारी उन्हें नहीं देने को कहा था। मायावती ने आरोप लगाया कि आकाश अभी भी अपने ससुर अशोक सिद्धार्थ के प्रभाव में काम कर रहे हैं।

आनंद कुमार का बढ़ा कद

बसपा प्रमुख ने संगठन में बदलाव की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तीन सितंबर को राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक में पार्टी के कामकाज को तीन सेक्टरों में बांटा गया है। पहले सेक्टर में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को रखा गया है, जिसकी निगरानी और समीक्षा स्वयं मायावती करेंगी।

देश के बाकी राज्यों को दो अन्य सेक्टरों में रखा गया है। इन दोनों सेक्टरों के कामकाज की समीक्षा अब बसपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और मायावती के छोटे भाई आनंद कुमार करेंगे। वह करीब डेढ़ महीने के अंतराल पर दिल्ली में समीक्षा बैठक करेंगे और संगठन की रिपोर्ट मायावती को देंगे। राज्यों में प्रभारी अपने स्तर पर काम करेंगे। पार्टी में मुख्य सेक्टर प्रभारी का पद समाप्त कर दिया गया है।

मायावती के इस फैसले को पार्टी के भीतर हालिया संगठनात्मक बदलावों के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे पहले वह आकाश आनंद को पार्टी की सभी जिम्मेदारियों से अलग करने का ऐलान कर चुकी हैं। मीडिया रिपोर्टों में इसे बसपा में नेतृत्व और संगठनात्मक नियंत्रण को लेकर चल रहे घटनाक्रम का हिस्सा बताया गया है।

पंचायत सहायकों की मांगों पर सरकार से अपील

मायावती ने उत्तर प्रदेश के करीब 58 हजार पंचायत सहायकों की मांगों पर भी प्रदेश सरकार से सहानुभूतिपूर्वक विचार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पंचायत सहायक सम्मानजनक मानदेय, संविदा व्यवस्था समाप्त कर स्थायी किए जाने समेत विभिन्न मांगों को लेकर लखनऊ में कांशीराम ग्रीन ईको गार्डन के पास आंदोलन कर रहे हैं। सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता और सहानुभूति से विचार करना चाहिए।

ब्रिक्स घोषणापत्र को बताया कूटनीतिक उपलब्धि

बसपा प्रमुख ने नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान जारी ‘दिल्ली घोषणापत्र’ की भी सराहना की। उन्होंने इसे ब्रिक्स देशों के बीच आपसी सहमति और कूटनीतिक सूझबूझ की उपलब्धि बताया। मायावती ने कहा कि मौजूदा वैश्विक तनाव और आर्थिक चुनौतियों के बीच 140 बिंदुओं वाले घोषणापत्र का सर्वसम्मति से जारी होना महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि फिलस्तीन और आतंकवाद के मुद्दे पर भारत के रुख को समर्थन मिलना महत्वपूर्ण है। साथ ही उन्होंने भारत-चीन संबंधों पर कहा कि दोनों देशों को मतभेद बढ़ाने के बजाय विकास में साझेदार बनने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। मायावती ने उम्मीद जताई कि भारत और चीन के बीच सीमा विवाद का समाधान जितनी जल्दी हो, दोनों देशों के हित में उतना ही बेहतर होगा।

Vichar Disha
Author: Vichar Disha

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